नशा के नुकसान ओर इससे बचाव

नशा के नुकसान ओर इससे बचाव 👇 मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। उसके स्थान पर तंबाकू का धुँआ (कार्बन डाइऑक्साइड) प्रवेशद्वार करता है , तो उनको खांसी रोग हो जाता है।साथ में पित्त तथा बाई (बाय) का रोग भी हो जाता है। तम्बाकू का धुँआ उस व्यक्ति के लिए तो हानिकारक है, साथ में दुसरो को भी हानि पहुंचाता है। नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है। फिर साथ में शरीर का नाश करता है। 

सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है। अफीम से शरीर कमजोर हो जाता है और अपनी कार्यशैली छोड़ देता है। रक्त दूषित हो जाता है।। इंसान जिस तम्बाकू का सेवन करता है वो उसके तथा उसके परिवार के लिए सर्वनाश का कारण बन जाता है। आप को ये जानकर हैरानी होगी की 👉तम्बाकू से गधे-घोड़े भी घृणा करते हैं। उस तम्बाकू को आप पीते हो, आप तो पशुओं से भी गये-गुजरे हो। शराब का सेवन करने वाला इंसान नहीं शैतान होता है। शराब, तम्बाकू आदि-आदि का सेवन करना गृह कलेश का कारण बनता है। जो व्यक्ति शराब का सेवन करता है उसका परिवार कभी सुख की निंद नहीं सो सकता। ओर ना ही दो रोटी चैन की खा पाता है।
 नशा का सेवन करने से, कैसंर जैसी बिमारी फैलना का पूरा चांस होता है। नशा शरीर को अंदर से खोखला कर लेता है, तम्बाकू का धुँआ ह्रदय में जमा होकर उसे पूरी तरह खराब ओर नष्ट कर लेता है।
 👉नशे से बचाव👇 नशे से इंसान को सो कोस कि दूरी बनाए रखनी चाहिए। जो इंसान नशे का सेवन नहीं करता उनका परिवार खुशियों से भर जाता है। आइए जानते हैं कि, नशे से किस तरह बचा जा सकता। नशे से छुटकारा केवल सतभक्ति से ही होता है। सतभक्ति में इतनी ताकत होती है, कि वो इंसान के अंदर कि सारी बुराईयां नष्ट कर लेता है। सतभक्ति करने वाला इंसान नशा का सेवन करना तो दूर किसी को लाकर भी देना पाप समझता है। क्योंकि नशा करने वाला इंसान 70 जन्म अंधे कुत्ते के भोगता है। वेदो में नशा करने वाले इंसान को शैतान बताया है।
 नशे से बचने का उपाय केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास ही है। संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई कभी भी किसी प्रकार का नशा नहीं करते वे समझते है की नशा जीवन को बर्बाद कर लेता है ओर इंसान को शैतान बना लेता है। संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई नशे को महापाप समझते हैं। आप भी संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लेकर नशे जैसी बुराई का त्याग करें।

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